FIR दर्ज होने के बाद भी धर्मान्तरण और प्रार्थना सभाएं भुल्लनडीह में जारी |

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भारत में आए दिन ईसाई मिशनरियों द्वारा यहां के भोले भाले लोगों को पैसे इत्यादि का लालच देकर धर्म परिवर्तन का कार्य आज से नहीं पिछले कई वर्षों से किया जाता आ रहा है और देश की भोली-भाली जनता गरीब जनता पैसे की लालच में इस में आकर फस जाती है । इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के चंदवक थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गांव भुल्लनडीह में ईसाई मिशनरियों द्वारा पिछले कई वर्षों से धर्म परिवर्तन का कार्य किया जा रहा है। इन लोग के द्वारा तरह-तरह के लालच साथ ही उनकी पैसों की कमी पूरी की जाती है, जिसकी लालच में यह लोग वहाँ जाकर अपना धर्म बदल लेते हैं और प्रार्थना सभाओं में शिरकत करते हैं। चंदवक थाना के भुल्लनडीह गांव में दुर्गा यादव नामक व्यक्ति जो ईसाई मिशनरी चलाता है और उसका पादरी भी है, पिछले कई वर्षों से पैसे तथा बीमारी ठीक करने की लालच देकर धर्म परिवर्तन करा रहा है । यह जानकारी जब लोगों को हुई तो इस पर कई बार कार्यवाही की मांग उठी , लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई । अंत में थक हार कर कुछ लोगों ने कोर्ट का सहारा लिया और कोर्ट ने आदेश देते हुए चंदवक थाना को जल्द से जल्द मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि दुर्गा यादव सहित तीन नामजद तथा 268 अज्ञात लोगों के खिलाफ धर्म परिवर्तन कराने के अपराध में मुकदमा दर्ज किया जाए । कोर्ट के आदेश को संज्ञान में लेते हुए चंदवक थाना ने तीन नामजद सहित 271 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया और खोजबीन शुरू कर दी । लेकिन जब चंदवक पुलिस पिछले दिनों दुर्गा यादव तथा उसके 2 गुर्गों को पकड़ने पहुंची तो वहां से फरार पाया गया। जो आज तक पुलिस के गिरफ्त में नहीं है। लेकिन सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज भी पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन एवं प्रार्थना सभाएं हो रही है। सूत्रों ने यह भी बताया है कि इस समय धर्म परिवर्तन व प्रार्थना सभा दुर्गा यादव की बेटी करा रही है । इसके साथ ही यह भी पता चला है कि सामाजिक कार्यकर्ता पत्रकार इत्यादि लोगों को वहां पर जाने नहीं दिया जा रहा है और यह कार्य आज भी निरंतर जारी है। प्रशासन मुकबधीर दर्शक की तरह सिर्फ तमाशा देख रहा है। इस पर प्रशासनिक विभाग के सूत्रों ने बताया कि धाराएं तो लगा दी गई हैं लेकिन जब तक आरोप सिद्ध नहीं होगा तब तक इस पर रोक नहीं लगाया जा सकता । उनका यह भी कहना है , हम लोग भी चाहते है कि जो कार्य आज चल रहा है वो बंद हो लेकिन हम लोग सरकारी मुलाजिम है और हमारे हाथ भी बंधे है, लॉ ऑफ कॉन्स्टिट्यूशन को देखते हुए हम कुछ नही कह सकते। अब प्रश्न यह है कि जो व्यक्ति धर्मांतरण और प्रार्थना सभाएं करवा रहा था उसके ऊपर मुकदमा दर्ज है फिर भी उसके स्थान पर धर्म का कार्य जारी है क्या उस स्थान को प्रशासन द्वारा बंद कराने का कोई प्रावधान नही, यह सोचने का विषय है।
जानकारी के लिए आपको बता दें इस खबर को इतनी प्रमुखता से चलाने के बावजूद भी प्रशासन मौजूद के पर मौजूद है विवादित धर्म परिवर्तन के आरोपी ईसाई मिशनरी दुर्गा प्रसाद यादव के यहां आज भी सुबह 10:00 बजे से प्रार्थना सभा चल रही है जिससे हिंदू संगठन में आक्रोश है जिसका कारण प्रशासन को माना जा रहा है दंगा फसाद अगर कुछ भी होती है तो इसका सारा आरोप प्रशासन को जाएगा ऐसा हिंदू संगठनों का कहना है