गुरु पूर्णिमा पर शिष्यों ने गुरुचरणों में अपनी आस्था की निवेदित

बता दे की आषाढ़ पूर्णिमा पर शुक्रवार को देश-दुनिया से जुटे लाखों भक्तों ने अपने गुरुजन के चरण कमल का पूजन एवं वंदन किया।

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अभिषेक दुबे 

संवाददाता 

गुरु पूजा का पर्व पूरी निष्ठा के साथ मनाया गया

बता दे की आषाढ़ पूर्णिमा पर शुक्रवार को देश-दुनिया से जुटे लाखों भक्तों ने अपने गुरुजन के चरण कमल का पूजन एवं वंदन किया। जैसे पुष्प का पराग पाने के लिए भ्रमरों की टोलियां उनपर छा जाती हैं, कुछ ऐसे ही भाव से शिष्यों ने गुरुचरणों में अपनी आस्था निवेदित की। समस्त गुरु स्थानों, मठों, आश्रमों से लेकर संगीत विद्यालयों में गुरु पूजा का पर्व पूरी निष्ठा के साथ मनाया गया।

दूर-दूर तक शिष्यों की कतार ही दिखती रही

पड़ाव स्थित भगवान अवधूत राम आश्रम के पीठाधीश्वर परमपूज्य बाबा गुरुपद संभव राम ने समाधि पूजन करने के उपरांत भक्तों को दर्शन दिया। रवींद्रपुरी स्थित बाबा कीनाराम आश्रम क्रीम कुंड में पीठाधीश्वर बाबा सिद्धार्थ गौतम राम ने शिष्यों को दर्शन लाभ दिया। गढ़वा घाट मठ में पीठाधीश्वर सद्गुरु सरनानंद ने श्रेष्ठ कर्म से श्रेष्ठ प्रारब्ध का मंत्र शिष्यों को दिया। इन सभी स्थानों पर दूर-दूर तक शिष्यों की कतार ही दिखती रही।

पॉलीथीन मुक्त जीवन और समाज के निर्माण की शपथ दिलाई

सतुआ बाबा आश्रम में पीठाधीश्वर संतोष दास महाराज ने पूर्वाचार्यों का पूजन किया। दुर्गाकुंड स्थित धर्मसंघ में पीठाधीश्वर शंकर बाबा ने भक्तों की मनोकामना पूर्ण की। अन्नपूर्णा मंदिर में उमड़ी भीड़ को महंत रामेश्वरपुरी महाराज ने पॉलीथीन मुक्त जीवन और समाज के निर्माण की शपथ दिलाई।

महमूरगंज स्थित पाणिनी कन्या महाविद्यालय में गुरु पर्व के अवसर पर 30 ऋषिकाओं का यज्ञोपवीत संस्कार किया गया।तुलसी घाट स्थित अखाड़ा गोस्वामी तुलसी दास एवं संकट मोचन मदिर के महंत महंत प्रो. विश्वम्भर नाथ मिश्र गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज के खड़ाऊं, उनके तैलचित्र और मानस की मूल पोथी का पूजन किया।

पातालपुरी मठ में मुस्लिम बंधुओं ने भी पीठाधीश्वर बालक दास का पूजन वंदन किया। इसके अतिरिक्त श्री रमानंद विश्वहितकारिणी परिषद, रमना स्थित परमहंस आश्रम, गायघाट स्थित कमौली वालो नागा बाबा आश्रम, नगवां स्थित श्री दुर्गा मातृ छाया शक्ति पीठ में भी गुरुपूर्णिमा पर्व का आयोजन किया गया।

गुरु पूर्णिमा पर काटन मिल स्थित भृगु ज्योतिष आश्रम में डॉ. एसबी पाठक का शिष्यों ने दर्शन पूजन कर उनका आशीर्वाद लिया। शिष्यों ने विधिवत गुरु दीक्षा भी ली। उधर कैंटोंमेंट स्थित स्प्रिचुअल क्लब में शिष्य द डिसाईपल कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर संगीतज्ञ डॉ. राजेश्वर आचार्य, अक् संस्था के संस्थापक ओमा द अक्, डॉ. विश्वनाथ पाण्डेय आदि मौजूद रहे। उधर तिलभांडेश्वर स्थित आर्ष विद्या निकेतन शाखा के साधन समर आश्रम में गुरु सत्यदेव प्रथम व विश्वरंजेनेश्वर ब्रम्हचारी की अर्चना हुई। सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ।

 मठ के बाहर लगा मेला

गढ़वा घाट आश्रम के मुख्य द्वार के बाहर गंगा किनारे तक मेले जैसा माहौल था। नाच गाने से लेकर खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं के स्टाल सजाए गए थे। सभी स्टालों पर भीड़ थी। कई बार तो भीड़ के कारण मुख्यद्वार से प्रवेश और निकास के लिए शिष्यों को इंतजार करना पड़ा।

 जुटे बिरहा कलाकार

बिरहा गायन शैली के जनक बिहारी गुरु के कपिलधारा स्थित अखाड़े पर बिहार और उत्तर प्रदेश के कई नामी बिरहा गायक जुटे। अखाड़े के वर्तमान उस्ताद यश भारती से सम्मानित विष्णु यादव ने अपने पूर्व गुरुओं की प्रतिमाओं का पूजन किया। दोपहर दो बजे से बिरहा दंगल शुरू हुआ। इसमें अनिता राज, खुशबू राज, गीता त्यागी, जवाहर लाल यादव, मन्ना लाल यादव, श्यामलाल, रामलाल यादव, काशीनाथ यादव सहित कई युवा बिरहा गायकों ने भी हिस्सेदारी की।

बनारस में नाग पंचमी के दिन खेले जाने वाले महुअर खेल के उस्ताद पंजे लाल का दरबार भी सजा। महुअर खेल के खिलाड़ी लक्सा स्थित शांति हनुमान मंदिर प्रांगण में इकट्ठा हुए।

कांची मठ में दक्षिण भारतीय परंपरा से मना गुरुपर्व

हनुमान घाट स्थित कांची कामकोटि मठ में गुरु पूर्णिमा  पर्व दक्षिण भारतीय विधान से मनाया गया। प्रबंधक वीएस. मणि ने मठ में स्थापित गुरुजनों की मूर्तियों का पूजन एवं आरती की। जो भक्त कांची पीठ नहीं जा सके, उन्होंने यहां एक दिवसीय व्रत किया। सायंकाल सूतक लग जाने के कारण वे व्रत का पारण नहीं कर सके।

संगीत विद्यालयों में जुटी शिष्य मंडलियां

नगर के विभिन्न संगीत विद्यालयों में शिष्य मंडलियों की जुटान हुई। भेलूपुर स्थित संगीत प्रशिक्षण संस्थान शिल्पायन में सभी नये-पुराने विद्यार्थियों ने मिलजुल कर गुरु पं. देवाशीष डे का पूजन किया। मानमंदिर स्थित भातखंडे काशी संगीत विद्यापीठ में शिष्यों ने अपने गुरु पं. अमित त्रिवेदी का पूजन किया। पूजन के उपरांत शिष्य मंडली ने गणेश आराधना की। नटराज संगीत अकादमी में संगीता श्रीवास्तव ने शिष्य-शिष्याओं की पूजा स्वीकार की। http://www.nationnews9.com