इस म्यूसियम मे होती है असफलता की कद्र

0
114

जिनकी जिंदगी में सफलता से ज्यादा असफलता का योगदान रहा है. तो चिंता की कोई बात नहीं. यह समझ लीजिए कि आप अकेले नहीं हैं, असफलता कितनी जरूरी है यह जानना है तो स्वीडन के म्यूज़ियम ऑफ फेल्योर पर गौर फरमाइए जो असफलता की कद्र करता है।

इस संग्रहालय में असफल सामान और सेवाओं के ऐसे नमूने मिलेंगे जो हमें बताते हैं कि किसी सुपरहिट चीज़ को बनने से पहले कितनी नाकामी के दौर देखने पड़ते हैं. और यह भी कि सफलता एक बार में नहीं मिलती, उसके लिए हमें बार बार और कई बार प्रयास करना होता है. इसके साथ ही इस संग्रहालय का हर सामान यह बताता है कि कुछ नया सोचना और करना कितना चुनौतीपूर्ण है. निशाना लग जाए तो हिट वरना फेल. लेकिन इसके बावजूद नयेपन को लेकर हमारी चाहत छूटती नहीं है. तो यहां आपको क्या क्या देखने को मिलेगा -कोलगेट का खाने पीने के क्षेत्र में एक नाकाम दख़ल, 1980 में बीफ लसानिया के साथ शुरू हुआ जिसका जल्द ही अंत हो गया. शायद लोगों ने सोचा होगा कि टूथपेस्ट बनाने वाली कंपनी अगर कुछ खाने के लिए बनाए तो शायद उसमें भी आपको पेस्ट का ही स्वाद आए. बाइक की लोकप्रिय कंपनी हार्ले डेविडसन का हॉट रोड परफ्यूम भी यहां आपको मिलेगा. हार्ले के दीवानों ने परफ्यूम के मामले में किसी और को चुनना बेहतर समझा.  नोकिया का एन-गेज – जो कि 2003 में आया था. यह एक स्मार्टफोन के साथ साथ हाथ से पकड़ने वाला गेमिंग सिस्टम भी था. दिखने में तो साधारण था लेकिन एक तो इसमें गेम बहुत कम थे, ऊपर से गेम बदलने के लिए इसे बार बार खोलना पड़ता था. और फोन की तरह इस्तेमाल करने के लिए इसे टेढ़ा करके कान पर लगाना होता था.

ऐसा ही बहुत कुछ आपको म्यूज़ियम ऑफ फेल्योर में मिलेगा.  इस संग्रहालय को बनाने वाले वेस्ट कहते हैं कि वह सफलता की पूजा करने वालों को देखकर थक गए थे. वेस्ट के मुताबिक हर असफलता अपने आप में अलग है जबकि सफलता कई बार एक जैसी ही दिखने लगती है. कुछ नया बनाने के लिए जरूरी है कि असफलता की पेचीदगियों को समझें और उससे सीखे.