कांग्रेस को लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका ! जानिए क्यों सज्जन कुमार को हुई उम्रकैद की सजा

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सोमवार को जस्टिस एस मुरलीधर और जस्टिस विनोद गोयल की बेंच ने फैसला सुनाया। सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा देने के साथ दोषी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इससे पहले निचली अदालत ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया था। बताया जा रहा है  कि जिस वक्त फैसला पढ़ा जा रहा था, पीड़ित पक्ष के वकील रोने लगे। यही नहीं, फैसला पढ़ते हुए जज की आंखें भी नम हो गईं। राजनीति के जानकारों की मानें तो कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी को न केवल दिल्ली में बल्कि पूरे देश में झटका लग सकता है। 

सज्जन कुमार कौन और क्यों हुई उम्र कैद ?

1984 सिख दंगों के दोषी कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार

दिल्ली के दिग्गज कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार के साथ पूरी कांग्रेस पार्टी के लिए सोमवार का दिन काला साबित हुआ। दिल्ली में 1984 में हुए सिख दंगों के एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की डबल बेंच ने सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार समेत चार लोगों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी सज्जन कुमार को 31 दिसंबर तक सरेंडर करना होगा। 

हाई कोर्ट ने अपने इस कठोर फैसले के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि 1947 में भारत-पाक बंटवारे के दौरान लोग मारे गए थे, फिर 37 साल बाद दिल्ली इसी तरह के दंगों की गवाह बनी। आरोपी राजनीतिक करियर में आनंद लेता रहा और ट्रायल से बचता रहा। बता दें कि सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने कुल 7 अपील पर अपना फैसला सुनाया है। 

कोर्ट ने अपने फैसले में सज्जन कुमार, कैप्टन भागमल, गिरधारी लाल और पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है वहीं, किशन खोकर और पूर्व पार्षद महेंद्र यादव को 10 साल की सजा मिली है।

 पंजाब में जहां सिखों की आबादी सर्वाधिक है। 2019 में न केवल लोकसभा चुनाव होना हैै, बल्कि हरियाणा में विधानसभा चुनाव भी होना है। फिर एक साल बाद 2020 में दिल्ली विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में दिल्ली और हरियाणा में सिखों की आबादी वाले इलाकों में कांग्रेस को जबरदस्त घाटा उठाना पड़ सकता है।