माफिया मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में तीन बाहुबलियों के इर्द-गिर्द साजिश की सुई

बागपत जेल में माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के पीछे के साजिशकर्ता की तलाश में पुलिस और एसटीएफ की जांच की सुई पूर्वांचल के तीन बड़े बाहुबलियों के इर्द-गिर्द ही घूम रही है।

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अभिषेक दुबे 

संवाददाता 

बागपत जेल में माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के पीछे के साजिशकर्ता की तलाश में पुलिस और एसटीएफ की जांच की सुई पूर्वांचल के तीन बड़े बाहुबलियों के इर्द-गिर्द ही घूम रही है। पुलिस अधिकारी सुनील राठी के तमाम कबूलनामे के बावजूद यह मानने को तैयार नहीं हो रहे हैं कि उसने अपनी किसी रंजिश के चलते यह हत्या की है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि कहीं न कहीं हत्या की साजिश के तार पूर्वांचल से जुड़े हुए हैं। लेकिन अभी तक ऐसी कोई कड़ी पुलिस और एसटीएफ के हाथ नहीं लगी है जिससे उनकी जांच आगे बढ़ सके। इसके चलते अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

राजधानी लखनऊ में जब मुन्ना बजरंगी का काम संभालने वाले उसके साले पुष्पजीत समेत दो की हत्या हुई थी। उसके बाद जब तारिक का गोमतीनगर में मर्डर हुआ तो एसटीएफ को शुरुआती पड़ताल में मुख्तार पर शक हुआ था, लेकिन तमाम कोशिशों और पूर्वांचल के लगभग सभी शूटर्स को खंगालने के बावजूद एसटीएफ किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। उस दौरान दबी जुबान में मुन्ना बजरंगी के गैंग में भी मुख्तार के नाम पर चर्चा हुई। क्योंकि पीजे ने पूर्वांचल में करीब 53 किमी की रेलवे लाइन बिछाने का एक ठेका बिना मुख्तार की जानकारी के ले लिया था। इस बात पर मुख्तार ने नाराजगी जाहिर की गई थी। एसटीएफ ने इस एंगल पर भी काफी काम किया था। हालांकि पहले पीजे, फिर तारिक और अब मुन्ना की हत्या में परिवार के लोग जौनपुर के बाहुबली धनंजय सिंह और डेप्युटी एसपी के बेटे प्रदीप को ही साजिशकर्ता मान रहे हैं, जबकि माफिया बृजेश सिंह का नाम कृष्णानंद राय की हत्या के चलते आ रहा है। पुलिस और एसटीएफ की जांच भी इन्हीं तीनों के इर्द-गिर्द घूम रही है। बागपत पुलिस इस मामले में जल्द ही पूर्व सांसद धनंजय सिंह से पूछताछ भी कर सकती है। क्योंकि बजरंगी की पत्नी ने तहरीर में उनका नाम दिया है।

मुन्ना बजरंगी के कुछ और करीबी भी निशाने पर
पीजे और तारिक की हत्या के बाद चर्चा थी कि जो भी उनकी जगह मुन्ना बजरंगी का काम संभाल रहा है वह विरोधियों का अगला निशाना होगा, लेकिन विरोधियों ने मुन्ना बजरंगी की ही हत्या कर दी। मुन्ना की हत्या के बाद भी गैंग पर खतरा कम नहीं हुआ है। चर्चा है कि विरोधी गैंग किसी भी तरह के बदले और हमले की आशंका को देखते हुए मुन्ना बजरंगी गैंग की तीसरी लेयर को भी खत्म करने की कोशिश करेंगे। इसमें लखनऊ विश्व विद्यालय के पूर्व छात्र नेता का नाम सबसे ऊपर है। जो विरोधियों की हिट लिस्ट में है। हालांकि कहा जा रहा है कि मुन्ना बजरंगी गैंग में ऐसा कोई नहीं है जो उसकी कुर्सी संभाल सके।

तारिक और पीजे की हत्या में शूटर भी वेस्ट यूपी के
मुन्ना की हत्या के बाद एसटीएफ ये मान रही है कि पीजे और तारिक की हत्या में भी वेस्ट यूपी या हरियाणा व पंजाब के शूटर्स का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि इस संबंध में एसटीएफ के पास कोई अहम साक्ष्य नहीं है। लेकिन घटनाक्रम, तारिक और मुन्ना की हत्या में 7.62 बोर के असलहे के इस्तेमाल के बाद इन संभावनाओं पर मुहर लग रही है।

बागपत से फतेहगढ़ जेल भेजा गया सुनील राठी
सरकार के आदेश के बाद मुन्ना बजरंगी हत्याकांड के शूटर सुनील राठी को बागपत जेल से शनिवार को फतेहगढ़ जेल भेज दिया गया है। जेल में उस पर सख्त नजर रखने और जेल की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही उससे मिलने जुलने वालों पर भी कड़ी निगाहबानी होगी। http://www.nationnews9.com

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