पूर्व सीएम ने भाजपा पर साधा निसाना, कहा किसानों के हाथ आयी सिर्फ निराशा

0
45

सूबे के पूर्व सीएम और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए शुक्रवार को कहा कि लोकसभा चुनाव करीब आ रहा है, इसलिए भाजपा किसानों का हितैषी होने का दिखावा करने लगी है। उन्होंने कहा कि किसानों के उत्पादों के लिए घोषित ताजा न्यूनतम समर्थन मूल्य से किसान को कुछ मिलने वाला नहीं है, क्योंकि उसकी अर्थनीति किसान पक्षधर नहीं, कारपोरेट घरानों के हित साधन की है।

सपा अध्यक्ष ने कहा की न्यूनतम समर्थन मूल्य में डेढ़गुना जोड़ने का जो दावा किया है, वह भाजपा की दोषपूर्ण आर्थिक नीति को साबित करता है।उन्होने कहा, “स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट की संस्तुतियों से भाजपा साफ मुकर गई थी और अब किसानों के समर्थन का ढोंग कर रही है।” अखिलेश ने आईपीएन को भेजे अपने बयान में कहा कि भाजपा राज में किसान की सबसे ज्यादा दुर्दशा है। उसके साथ न्याय नहीं हो रहा है। उसकी जमीन कर्ज में फंसी है, कृषि मंडियों में किसान लुट रहा है, सिंचाई का संकट है। विद्युत आपूर्ति बाधित है, किसान निराशा और कुंठा में आत्महत्या कर रहा है। भाजपा को अन्नदाताओं को धोखा देने में भी कोई गुरेज नहीं है। केंद्र में भाजपा सरकार का अंतिम वर्ष है, किसानों को लाभ पहुंचाने का ख्याल उसे अब तक क्यों नहीं आया था? सपा मुखिया ने कहा कि अपने जन्मकाल से ही भाजपा का किसान और खेत से कोई वास्ता नहीं रहा है, खेतों का वह दूरदर्शन करती आई है।

समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने कहा कि सच तो यह है कि वर्ष 2019 में अपने अंधकारमय भविष्य को देखते हुए भाजपा सीधे-सादे किसानों को बहकाने में लग गई है। भाजपा का सारा खेल चुनावी संभावनाओं पर आधारित है और इसके नेता समझते हैं कि वे फिर लोगों को अपनी ‘ओपियम की पुड़िया’ से बहकाने में सफल हो जाएंगे। लेकिन अब उनकी चाल में किसान फंसने वाले नहीं हैं। वे चार साल में भाजपा का वास्तविक चेहरा पहचान गए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here