योग के बाद कुम्भ मेला भी यूनेस्को की धरोहर में शामिल, मोदी ने कहा- भारत के लिए गर्व की बात

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भारत में लगने वाले कुम्भ मेले को यूनेस्को द्वारा ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ के रूप में मान्यता प्रदान करने पर पीएम नरेन्द्र मोदी और फॉरेन मिनिस्टर शुषमा स्वराज ने हर्ष जाहिर कर इसे भारत के लिये गौरव की बात कहा है | प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा की, ‘ये भारत के लिए बहुत ख़ुशी और गर्व का विषय है |’

यूनेस्को ने भारत के कुंभ मेले को ‘ग्लोबल कल्चरल हेरिटेज फॉर ह्यूमिनिटी’ के रूप में स्वीकार कर इस आध्यात्मिक आयोजन को बड़ी मान्यता प्रदान की है |

विदेश मंत्री ने भी ट्वीट किया कि, ‘यह बतलाते हुए ख़ुशी हो रही है की भारत के कुंभ मेले  को  यूनेस्को की ओर से  ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ के तौर पर मान्यता दी गयी | बीते 2 साल में ये दूसरा मौका है, इससे पहले 2016  में योग को मान्यता दी गयी थी’ | यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण सम्बन्धी अंतर सरकारी समिति ने कुम्भ मेले को ये मान्यता दी है |

दक्षिण कोरिया के जेजू में हुए 12वें सत्र में कुम्भ मेले को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूचि में शामिल करने का निर्णय लिया गया |

 

कौन थी वो पहली महिला फोटो जर्नलिस्ट जिनका गूगल ने बनाया डूडल ?

 

गूगल ने आज यानी 9 दिसंबर 2017 को युआरएल पेज पर एक महिला फोटोग्राफर का डूडल बनाया है | किसकी है यह तस्वीर ? कौन है यह महिला ?

सर्च इंजन गूगल ने अपने पेज पर गुजरात के पारसी परिवार में जन्मी और पद्म विभूषण से सम्मानित भारत की पहली महिला फोटो जर्नलिस्ट होमी व्यराल्ला को उनके 104वें जन्मदिन पर डूडल बनाकर श्रध्दान्जली अर्पित की है | उनका जन्म 9 दिसम्बर सन 1913 को हुआ था | उन्होंने बाम्बे विश्वविद्यालय और सर जेजे स्कूल ऑफ़ आर्ट में पढाई की उनके एक दोस्त ने उन्हें फोटोग्राफी सिखाई जिसके बाद उन्होंने मुंबई के जन – जीवन की तस्वीरे लेना शुरू किया और कुछ समय बाद ही उन्हें कव उम्र में नौकरी मिल गयी | उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1930 के दशक में किया | द्वितीय विश्वयुद्ध शुरू होने पर उन्होंने मुंबई की एक पत्रिका “द इलेस्ट्रेटेड विकली ऑफ़ इण्डिया” के लिए कम करना शुरू किया |

1942 में उनकी फोटोग्राफी को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली और वह अपने परिवार के साथ ब्रिटिश सूचना सेवा में काम करने दिल्ली चली आई, दिल्ली में होमी ने हो ची मिन्ह, अमेरिकी राष्ट्रपतियों आइजन हँवर और जॉन एफ केनेडी जैसे नेताओं की शानदार फोटो खिची | उन्हें महारानी एलिजाबेथ सेकेण्ड की भारत यात्रा और दलाई लामा के तिब्बत से बच निकलने की फोटो खींचने का भी औसर प्राप्त हुआ | साल 1970 उनके पति की मृत्यु हो गयी और साल 1982 में वह अपने बेटे फारुक के साथ बड़ोदरा में बस गयीं | वर्ष 1989 इस्वी में वे कैंसर जैसी घटक बीमारी की सीकर हो गयी जिससे जूझते हुए 15जनवरी 2012 को उनका स्वर्गवास हो गया  इस प्रकार एक महान महिला फोटो जर्नलिस्ट ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन अपनी खिंची गयीं यादगार तस्वीरों में वो आज भी जिन्दा हैं |

 

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